नॉबेल शांति पुरस्कार 2025: ट्रम्प का सपना टूटा, वेनेज़ुएला की नेता ने मारी बाज़ी!

नॉर्वे की नोबेल कमेटी ने इस साल का नॉबेल शांति पुरस्कार वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो को देने की घोषणा की है। उन्हें यह सम्मान अपने देश में लोकतंत्र और मानवाधिकारों की लड़ाई के लिए दिया गया है।

मारिया माचाडो पिछले कई सालों से वेनेज़ुएला में सत्ताधारी सरकार के खिलाफ आवाज़ उठा रही हैं। राजनीतिक दबाव और गिरफ्तारी के डर से उन्होंने पनाह ले रखी है। पुरस्कार मिलने के बाद उन्होंने कहा कि यह सम्मान वे अपने देश के “कष्ट झेल रहे नागरिकों” को समर्पित करती हैं।

लेकिन इस फैसले ने डोनाल्ड ट्रम्प को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल, ट्रम्प के समर्थक पहले से ही उम्मीद कर रहे थे कि उन्हें यह पुरस्कार मिल सकता है। अब जब यह सम्मान किसी और को मिला, तो अमेरिका में नाराज़गी की लहर देखी जा रही है।

व्हाइट हाउस ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “नोबेल कमेटी ने शांति से ज़्यादा राजनीति को प्राथमिकता दी है।” वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ट्रम्प की शांति पहलों की तारीफ करते हुए कहा कि “वह इस पुरस्कार के हकदार थे।”

नॉर्वे में अब यह चर्चा गर्म है कि ट्रम्प की प्रतिक्रिया क्या होगी — क्या वह इसे शांति के लिए प्रेरणा मानेंगे या एक और राजनीतिक साज़िश के रूप में लेंगे।